How to be Positive in Hindi खुद को रोकने वाली चीज़ों से आगे निकलें

Increase Positive Thinking in Hindi

एक बार जीवविज्ञान की एक प्रयोगशाला में एक वैज्ञानिक द्वारा जीवो पर एक परीक्षण किया जा रहा था। उस परीक्षण के अन्तर्गत वैज्ञानिक ने एक बड़ी शार्क मछली को एक बड़े से टैंक छोड़ दिया, और फिर उसी टैंक में कुछ छोटी छोटी मछलिओं को भी छोड़ दिया। शार्क मछली ने उन मछलिओं को देखा और उनपे हमला करके सभी को अपना भोजन बना लिया।

अब उस वैज्ञानिक ने उस टैंक के बिल्कुल बीचों-बीच एक मजबूत काँच का पारदर्शी शीशा लगा दिया और उस टैंक को दो हिस्सों में बाँट दिया। उसने पुनः एक हिस्से में शार्क को छोड़ा और दूसरे हिस्से में कुछ छोटी छोटी मछलिओं को छोड़ दिया। शार्क ने उन मछलिओं पर फिर से हमला किया, परन्तु काँच की मजबूत दीवार होने कारण वह उन तक पहुँच ना सकी।

शार्क उन मछलिओं तक पहुँचने का बार बार प्रयास कर रही थी, लेकिन काँच की दीवार करण वह अपने प्रयास में सफल नहीं हो पा रही थी। वह जब भी कोशिश करती उसका मुँह काँच की दीवार से टकरा जाता। वैज्ञानिक ने अपने इस प्रयोग को कई दिनों तक किया, लेकिन शार्क उन मछलिओं तक पहुँच नहीं पायी। वह बार बार उन तक पहुँचने की कोशिश करती, परन्तु हर बार काँच की वजह से वह उन तक पहुँच न पाती, और कुछ समय पश्चात हारथक कर बैठ जाती।

धीरे धीरे शार्क अपने प्रयासों को कम करती गयी, शार्क को लगने लगा था, कि वह चाहे कितनी कोशिश कर ले, परन्तु उन तक नहीं पहुँच सकती। अब वह बहुत कम प्रयास करती, और जल्दी ही हार मान कर बैठ जाती। एक समय ऐसा भी आया जब शार्क ने उन मछलिओं तक पहुँचने अपनी कोशिश बंद कर दी।

कुछ दिनों बाद उस वैज्ञानिक ने टैंक से वो काँच का मजबूत शीशा हटा दिया, परन्तु यह क्या शार्क ने उन मछलिओं पर हमला करने की एक बार भी कोशिश नहीं की।

दोस्तों शार्क ने ऐसा इसलिये किया, क्यूंकि अब वह यह मानने लगी थी, कि वह उन मछलिओं तक नहीं पहुँच सकती। इसीलिए टैंक बीच से वह काँच शीशा हटाने पर भी उसने कोई प्रयास नहीं किया।

इसी प्रकार आप भी जीवन आने वाली कुछ प्रतिकूल परिस्थियों के कारण और उन परिस्थियों से लड़ने लिए किये जाने वाले, अपने कुछ प्रयासों में असफल होने कारण हार मान कर बैठ जाने हैं और इन प्रतिकूल परिस्थियों से लड़ने की पुनः कोशिश ही नहीं करते। आप खुद को खुद की बनाई गयी नकारात्मक सोच से बांध लेते हैं, और यह मान बैठते हैं, कि हमारे द्वारा किये गए प्रयास अब कभी सफल ही नहीं होगे।

हमें समस्याओ को सुलझाने, परिस्थियों को बदलने और जीवन में आगे बढ़ने से कोई भी नहीं रोक सकता, अगर हमारा विश्वास हमारे साथ है। हमें ऐसा करने से कोई रोक सकता है, तो वह हमारी खुद की सोच है, जो हमारी ही बनाई हुई है।

जब हम सच्चे दिल से पूरी लगन और मेहनत से प्रयास करते है, तो सारी सृष्टि हमारी मदद करने लगती है, और सारे बंद दरवाजे अपने आप खुल जाते है। लेकिन कई बार दुर्भाग्य से हम थोड़ा सा प्रयास करके उन दरवाजों तक पहुँचने के प्रयास भी नहीं करते।

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