भविष्य पुराण Indian Snake Puran Facts in Hindi

हमारे प्राचीन ग्रंथो में “भविष्य पुराण” भी एक जाना माना पवित्र ग्रन्थ है। इस भविष्य पुराण ग्रन्थ में साँपो के बारे में कुछ अनोखी बाते बताई है, जो अभी तक हमें नहीं पता। आज हम आपको उन सभी बातो के बारे में बताएँगे जो साँपो के बारे में “भविष्य पुराण” में बताई गई हैं –

“भविष्य पुराण” के अनुसार साँप ज्येष्ठ और आषाढ़ के महीने में गर्भ धारण करते हैं।

बरसात के महीनो में सर्पनी गर्भ धारण करती है, और कार्तिक के महीने वह अंडे देने लगती है।

यह बात आपको हैरान कर देगी, कि नागिन एक बार में लगभग 240 अड़े देती है।

साँप जब अंडे से बाहर आता हैं, तब उसका रंग काला नहीं होता, लेकिन अंडे से बाहर आने के 7 दिन बाद ही उसका रंग काला हो जाता है।

21 दिन के अंदर ही साँप के दांत विषैले हो जाते है, और केवल 25 दिन के अंदर उनके अंदर इतनी ताकत आ जाती हैं, कि वो किसी की भी जान ले सकते हैं।

जिन अंडो पर लंबी लकीरे बनी होती हैं, उनसे नागिन का जन्म होता है, और जिन अंडो पर सोने जैसी चमक होती है, उनसे नाग पैदा होता हैं, और जो अंडे ललिमा युक्त होते हैं, उनसे इंसानो के समान नपुंसक पैदा होता है।

धरती पर नागिन की मात्रा में नाग कम है, इसका कारण हैं, नाग का अपने अंडो का खुद ही खा जाना। जी हाँ नाग अपने अंडे खुद खा जाते हैं, और अंडे बच जाते हैं, उससे ही नागो का वंश चलता हैं।

साँप के भी मानव के जैसे ही 32 दांत होते हैं।

साँप लगभग 120 वर्ष की लम्बी आयु जी सकते हैं।

साँप की चार दाढ़ बहुत ही जहरीली होती हैं, जिनके नाम कालरात्री, मकरी, यमदूती और कराली हैं।

साँप के काटने से जिन लोगो की मौत होती है, वो अगले जन्म में बिना विष वाले साँप के रूप में पैदा होते हैं।

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